हमसफ़र एक भेज...

हे भोले,
सुना है,
भूले से भी कोई ले नाम तेरा,
तो करता है तू उसकी हर मनोकामना पूरी,
फिर मैंने तो सोच समझकर लिया था नाम तेरा,
माना अब ठीक नहीं लक्खन मेरे,
तैयार हूँ मैं सजा पाने को,
जो नाम जपा है मगर तेरा पिछले सात सालों में,
हमसफ़र एक भेज उनके बदले,
जो बसे हर पल Suchi के ख़यालों में...

रोका टोकी बात बात पे हक समझ वो बैठा है,
सरफिरा एक पागल है वो माफ उसे तुम कर देना...